आबकारी विभाग के अनुसार जहाँ से अजान की आवाज नहीं वो मस्जिद नहीं|

यह वाकया अजमेर जिले के कवंडसपूरा का है जहाँ आबकारी विभाग ने बोहरा समाज की मस्जिद को इस लिए मस्जिद मानने से इनकार कर दिया क्यूंकि वहां से अजान की आवाज नहीं आती हकीकत यह है कि बोहरा समाज की मस्जिदों में नमाज व अजान के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं होता|

आबकारी विभाग के नियम 75 के अनुसार धार्मिक स्थलों से 200 मीटर की दुरी पर ही शराब की दुकान खुल सकती है और धार्मिक स्थलों के चयन में अक्सर धांधली होती है,क्यूंकि जो धार्मिक स्थल आबकारी विभाग की सूची में अंकित है उसे ही विभाग धार्मिक स्थल मानता है|
परन्तु आबकारी आयुक्त के एक आदेशानुसार धार्मिक स्थलों की सूची हर साल जनवरी माह तक अद्यतन करणी होती है|

(साभार:-दैनिक भास्कर 10/05/2017)