जयपुर के शराब माफियाओं में खलबली,धमकियां देने का दौर चालु|

जैसा कि विदित है जयपुर के आबकारी विभाग में इंस्पेक्टरराज चरम पर है|वित्तीय वर्ष 2017-18 के दौरान शराब की दुकानों की लोकेशन पास करने में जमकर नियमों का दुरूपयोग किया गया,जहाँ मन चाहा,जिस ठेकेदार ने अधिकारियों की जेबें गर्म करी उसे मनचाही जगह शराब की दूकान खोलने की अनुमति दी गयी इस पूरी प्रक्रिया में न स्कूल आड़े आई और ना ही अस्पताल,मंदिर,सिनेमाघरों की नियमानुसार 200 मीटर की दुरी,कहीं जनाक्रोश को ढाल बनाया गया, तो कही राजस्व हित को,और गली बनने में सहायक हुआ सुगम यातायात||
इन मामलों में ठेकेदारों की स्थिति तो सांप और छछुनदर जैसी हो गयी है,न तो शिकायत कर सकते है और ना ही कमाई कर सकते है,बरसो से टिके अधिकारी जौंक की भांति शराब ठेकेदारों का खुन चुस रहे है|
हमारे द्वारा जब इस इंस्पेक्टरराज के खिलाफ मुहीम छेडी गयी तो परिणामस्वरूप JDA द्वारा एक अवैध रूप से निर्माण की गयी शराब की दूकान को सील कर दिया गया,और एक अन्य दूकान के विरुद्ध आबारी विभाग,जयपुर शहर को शराब के प्रचार-प्रसार करने के विरुद्ध अभियोग दर्ज करना पड़ा|इन सारी कार्यवाहियों से शराब माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों में खलबली मच गयी,शुरुआत में शराब माफियाओं द्वारा समझाईश की कार्यवाही की गयी,और मेरे सूचना आवेदन वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया,नहीं मानने पर बौखलाहट में उनके द्वारा जान-माल को क्षति पहुचाने/झूठे मामलों में फ़साने की धमकियां देना शुरू कर दिया गया,कुछ दिनों से उनके द्वारा विभिन्न वाहनों से मेरा पिछा भी किया जाने लगा है|

इस पुरे प्रकरण से दिनांक 30/06/2017 को संपर्क पोर्टल द्वारा आबकारी आयुक्त,राजस्थान सरकार को अवगत करवा दिया गया है|देखते है भविष्य में ऊंट किस करवट बैठता है|