प्रदुषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त|ट्रीटमेंट प्लांट नहीं तो बिजली नहीं|

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदुषण के मसले पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है|कोर्ट ने ओद्योगिक इकाईयों के ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित नहीं करने पर नाराजगी जताई|
शीर्ष कोर्ट ने राज्यों के प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड से सभी ओद्योगिक इकाईयों को एक कॉमन नोटिस जारी करने के निर्देश दिया|जिससे ओद्योगिक इकाईयों की और से प्राथमिक तौर पर गंदगी के निस्तारण की व्यवस्था के बारे में पता लगाया जा  सके|
मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जेएस खेहर की बेंच ने अगले तीन माह में ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाने वाली ओद्योगिक इकाईयों की बिजली सप्लाई काटने का निर्देश दिया|शीर्ष कोर्ट ने सख्त अंदाज में कहा कि अगर ओद्योगिक इकाई प्राथमिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगा रही है, तो उन्हें किसी भी तरह देश में अपने उद्योग चलाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए|
आपराधिक केस दर्ज किये जाए|
सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम और दुसरे स्थानीय निकायों से ओद्योगिक इकाईयों के ट्रीटमेंट प्लांट लगाने को लेकर जागरूकता प्रचार करने की बात कही|साथ ही राज्य प्रदुषण नियंत्रण मंडल से ऐसा नहीं करने वाली यूनिटों के खिलाफ आपराधिक और सिविल मामले दर्ज करने के निर्देश दिए|कोर्ट ने ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति की जानकारी एनजीटी की बेंच को देने की बात कही|

(साभार:-राजस्थान पत्रिका में दिनांक 23/02/2017 को प्रकाशित खबर)