साडी खरीद में हुई अनियमितताओं पर विभाग द्वारा कार्यवाही शुरू|

दिनांक 18/12/2015 को दैनिक भास्कर जयपुर में प्रकाशित खबर "साडी खरीद में करोड़ों की अनियमितताएं" में यह उजागर हुआ था कि राज्य में एक लाख 10 हजार आंगनवाडी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की ड्रेस के लिए करीब 7 करोड़ 42 हजार रुपयें की जांच ठन्डे बस्ते में डाल दी गयी है|


इस खबर पर महिला एवं बाल विकास विभाग राजस्थान सरकार से कार्यवाही चाहने पर विभाग द्वारा अवगत करवाया गया है कि गत वित्तीय वर्ष 2014-15 में विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को परियोजना स्तर के कार्यालयों के माध्यम से बैंक खातों में राशि जमा करा कर यूनिफार्म उपलब्ध कराएं जाने के सम्बन्ध में तीन से विपरीत प्रतिक्रिया प्राप्त हुई थी|गत वित्तीय वर्ष 2014-15 में कार्यालय बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाड़ी(धौलपुर) के सम्बन्ध में यूनिफार्म क्रय के सम्बन्ध में प्राप्त शिकायत के सम्बन्ध में श्रीमती ममता यादव,बाल विकास परियोजना अधिकारी,बाड़ी ग्रामीण को एवं श्रीमती अंतकला महिला पर्यवेक्षक,बाड़ी ग्रामीण के विरुद्ध 16 सीसीए अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु प्रस्ताव कार्मिक विभाग को प्रस्तुत किये जा चुके है|साथ ही सुश्री गरिमा उपाध्याय,बाल विकास परियोजना ,धौलपुर शहर एवं श्रीमती कृष्णादेवी महिला पर्यवेक्षक,धौलपुर शहर को 16 सीसीए में आरोप पत्र जारी किये जा चुके है|कार्यालय बाल विकास परियोजना अधिकारी,रेणी (अलवर) में यूनिफार्म क्रय की शिकायत के सम्बन्ध में उपखंड अधिकारी ,राजगढ़ की रिपोर्ट अनुसार प्रकरण में प्राथमिक जाँच कर प्रथमद्रष्टया अधिकारी/कर्मचारियों के विरुद्ध जांच प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने हेतु उप निदेशक,अलवर को लिखा गया है|साथ ही जयपुर जिले में यूनिफार्म क्रय के सम्बन्ध में प्राप्त शिकायतों की जाँच प्रक्रियाधीन है|