डिस्कोम के पास नहीं है ‘क्यों’ का जवाब|प्री-पेड़ मीटर खरीद में गड़बड़ी का मामला



पूछा था –मापदंड क्यों बदले,डिस्कोम ने प्रक्रिया बता दी|
बिजली के प्री-पेड़ मीटर की खरीद में 12 करोड़ रूपये अतिरिक्त लुटाने के मामले में राजस्थान डिस्कोम अब लीपापोती में जुटा है|बिना जरुरत मीटर के तकनीकी मापदंड क्यों बदले,विधानसभा में उठे इस सवाल का डिस्कोम ने जवाब तो भेजा लेकिन गोलमोल|जवाब में कारण की बजाय प्रक्रिया बता दी है|

डिस्कोम ने सरकार को भेजे जवाब में खरीद प्रक्रियाका उल्लेख किया है,यह स्पष्ट नहीं किया है कि बगैर जरुरत प्री-पेड मीटर के वे तकनीकी मापदंड क्यों बदले गए,जिनके कारण कीमत 6765 से बढ़कर 9500रूपये तक पहुँच गयी|
गोलमोल जवाब|
पुरानी निविदा प्रक्रिया में थ्री फेज मीटर की करंट रेंटिंग 10-60एएमपी था|दूसरी निविदा प्रक्रिया में मापदंड 20-80 एएमपी किये गए|नई प्रक्रिया में यह शर्त भी जोड़ी गयी कि 30 फीसदी भुगतान मीटर लगाने के बाद किया जाएगा,इससे सप्लायर्स को बड़ी रकम अटकने का अंदेशा था,जिसकी भरपाई के लिए उन्होंने निविदा में मीटर के दाम ज्यादा कर दिए|
(साभार:-राजस्थान पत्रिका दिनांक:-18/03/2016)