अवैध निर्माण नहीं रोकना भी भ्रष्टाचार|



अवैध निर्माण सहित अन्य अवैध गतिविधियों नहीं रोकने वाले लोक सेवकों पर भ्रष्टाचारनिरोधक कानून के तहत कार्यवाही का रास्ता खुल गया है|हाई कोर्ट जज महेश चन्द्र शर्मा ने  ने अवैध निर्माण सहित अन्य अवैध गतिवधियों पर सख्ती दिखाते हुए मोहन लाल नामा की अवमानना याचिका पर यह आदेश दिए|प्रार्थी पक्ष की और से अधिवक्ता विमल चौधरी ने कोर्ट को बताया कि जयपुर शहर में अवैध निर्माण व कब्जे हो रहे है|कोर्ट के आदेशो की अवमानना हो रही है|
अवैध निर्माण व कब्जों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने अधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी दी है|कोर्ट ने इस पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि इन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्यवाही की जा सकती है या नहीं?जवाब के लिए भ्रष्टाचार निरोधक के महानिरीक्षक दिनेश एम.एन. को तलब किया|उन्होंने दायित्व के प्रति अनदेखी को भी भ्रष्टाचार की श्रेणी में माना|
कार्यवाही संभव
अतिरिक्त महाधिवक्ता जी.एस. गिल ने कहा कि अवैध निर्माण या अवैध गतिविधियां रोकने के लिये जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी जानबूझ कर कार्यवाही न करे या अनदेखी करे तो उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्येवाही हो सकती है|इसके लिए प्रक्रिया अपनानी होगी|
साभार:- राजस्थान पत्रिका दिनांक 12/04/2016 को प्रकाशित खबर “अवैध निर्माण नहीं रोकना भी भ्रष्टाचार”