अनुदान खाने वालो पर होगी कार्यवाही|

दिनांक 16/10/2015 को राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित खबर "ग्रीन हाउस कागजों में,अनुदान जेब में" के सम्बन्ध में कृषि विभाग से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी गयी थी |

इस सम्बन्ध में दिनांक 15/12/2015 को होर्टीकल्चर विभाग के निदेशक से प्राप्त तथ्यात्मक रिपोर्ट में विभाग द्वारा समाचार में प्रकाशित समस्त तथ्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि उल्लेखित कृषकों को ग्रीन हाउस निर्माण उपरान्त आवश्यक स्थापना प्रमाण पत्र,घोषणा पत्र,अनुबंध आदि से जुडी कार्यवाही पूर्ण की जाकर अनुदान उपलब्ध कराया गया है|समाचार पत्र में उल्लेखित कृषकों द्वारा यदि ग्रीन हाउस व् शेडनेट हाउस में किसी तरह का परिवर्तन या खुर्द-बुर्द करने की कोशिश यदि की गयी है तो इसकी स्वयं कृषकों की जिम्मेदारी है तथा यदि एसा करना पाया जाता है तो नियमानुसार कृषकों के विरुद्ध कार्यवाही अमल में लायी जायेगी|










विभाग द्वारा पेश रिपोर्ट